नई दिल्ली: केंद्र सरकार में संभावित कैबिनेट विस्तार को लेकर राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज हो गई हैं। विभिन्न मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) अपने संगठन और सरकार दोनों स्तरों पर बड़े बदलाव की तैयारी कर रही है। हालांकि, सरकार या पार्टी की ओर से अभी तक किसी भी बदलाव की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, हाल ही में केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah ने वरिष्ठ नेताओं के साथ अहम बैठक की। इसके बाद से संभावित कैबिनेट फेरबदल और मंत्रालयों के पुनर्वितरण को लेकर चर्चाएं और तेज हो गई हैं।
अमित शाह खेमे के नेताओं को मिल सकती है बड़ी जिम्मेदारी
राजनीतिक हलकों में यह भी चर्चा है कि नई कैबिनेट में अमित शाह के करीबी माने जाने वाले कुछ नेताओं को अधिक प्रतिनिधित्व मिल सकता है। हालांकि, इस संबंध में भाजपा की ओर से कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।
क्या राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार बन सकते हैं राजनाथ सिंह?
सबसे ज्यादा चर्चा रक्षा मंत्री Rajnath Singh को लेकर हो रही है। अटकलें हैं कि वर्ष 2027 में होने वाले राष्ट्रपति चुनाव के लिए भाजपा उन्हें उम्मीदवार बना सकती है। यदि ऐसा होता है, तो उनके केंद्रीय मंत्रिमंडल से इस्तीफा देने की संभावना भी जताई जा रही है।
मौजूदा राष्ट्रपति Droupadi Murmu का कार्यकाल 2027 में समाप्त होना है। ऐसे में अगले राष्ट्रपति पद के लिए संभावित नामों को लेकर अभी से राजनीतिक चर्चाएं शुरू हो गई हैं।
क्यों मजबूत दावेदार माने जा रहे हैं राजनाथ सिंह?
राजनाथ सिंह भाजपा के सबसे वरिष्ठ और अनुभवी नेताओं में गिने जाते हैं। वे उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष, केंद्रीय गृह मंत्री और वर्तमान में रक्षा मंत्री जैसे महत्वपूर्ण पदों पर अपनी जिम्मेदारियां निभा चुके हैं। उनके लंबे राजनीतिक अनुभव और संगठन में स्वीकार्यता के कारण उन्हें राष्ट्रपति पद का संभावित दावेदार माना जा रहा है।
कुछ मंत्रियों के विभाग बदलने की भी चर्चा
मीडिया रिपोर्ट्स में यह भी कहा जा रहा है कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री Dharmendra Pradhan और पेट्रोलियम मंत्री Hardeep Singh Puri समेत कुछ मंत्रियों के विभागों में बदलाव किया जा सकता है। कुछ नेताओं को नई जिम्मेदारियां मिलने की भी अटकलें लगाई जा रही हैं।
फिलहाल इन सभी चर्चाओं पर भाजपा या केंद्र सरकार की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। ऐसे में संभावित कैबिनेट विस्तार और राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार को लेकर सभी दावे अटकलों और मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित हैं। अंतिम फैसला पार्टी नेतृत्व की आधिकारिक घोषणा के बाद ही स्पष्ट होगा।